बुधवार, 1 फ़रवरी 2023

नट-मॉरल-ऑफ-द-स्टोरी


 यह है साहिल और ब्रजेश, मध्यप्रदेश के दमोह जिले के हैं। पूछने पर बताया कि पेशे से नट हैं। नट वही लोग होते हैं जो अपने शारीरिक करतब दिखा कर अपना पेट पालते हैं। इतने ऊॅंचे बॉंस पर चढ़कर ये लोगों का मनोरंजन करते हैं। ब्रजेश का कहना है कि ये सब बैलेंस का खेल है।

ब्रजेश की बात को सुनकर लगा कि पूरा जीवन ही बेलैंस का खेल है। बेलैंस खोया कि सब कुछ ही भरभरा कर गिर जाता है। इतनी ऊँचाई पर पंहुचने के लिए बहुत नीचे से शुरू करना होता है।

पैरों को बांस पर बने इस ठीये पर बांधना होता है और फिर इन्हें उठा कर एक दम खड़ा कर दिया जाता है। खड़ा करते ही ये अपना संतुलन बनाना शुरू करते हैं। पूछने पर बताया कि पहले केवल एड़ी की ऊँचाई से शुरू करते हैं और धीरे धीरे फिर ऊँचाई बढ़ाते जाते हैं। इतनी ऊँचाई पर एक दम से नहीं पहुंच जाते हैंबहुत धीरे-धीरे शुरूआत होती हैऊँचाई पर पंहुचतने की और इतनी ऊँचाई पर टिके रहने के लिए लगातार हिलते डुलते रहना होता है।

मॉरल ऑफ द स्टोरी 

यही है कि पहले ऐड़ी जहॉं तक ऊँची हो, वहीं तक ऊँचाई को संतुलन बनाना होगा फिर धीरे-धीरे इतनी ऊँचाई पर पहुंचें कि गिरने पर चोट न लगे और संतुलन ही आखि‍री वह चीज़ है जिसे हासिल किया जाना है।


6 टिप्‍पणियां:

बेनामी ने कहा…

बहुत अच्छा। निरंतर लिखते रहिए।शुभकामनाएं।

बेनामी ने कहा…

बढ़िया प्रभु

बेनामी ने कहा…

बढ़िया प्रभु

Rajendra Malviya ने कहा…

जी, धन्यवाद। विश्वास दिलाता हूँ, लिखना निरंतर रखूँगा।

Rajendra Malviya ने कहा…

धन्यवादजी।

Rajendra Malviya ने कहा…

टिप्पणी के लिए आभार...

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